तुम पूछोगे /क्यों नहीं करती /उसकी कविता /उसके देश के /फूलों और पेड़ों की बात /आओ देखो /गलियों में बहता लहू /आओ देखो /गलियों में बहता लहू /आओ देखो /गलियों में बहता लहू।
---पाब्लो नेरुदा