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Monday, October 27, 2008

आओ देखो गलियों में बहता लहू!

तुम पूछोगे /
क्‍यों नहीं करती /
उसकी कविता /
उसके देश के /
फूलों और पेड़ों की बात /
आओ देखो /
गलियों में बहता लहू /
आओ देखो /
गलियों में बहता लहू /
आओ देखो /
गलियों में बहता लहू।

---पाब्लो नेरुदा