Monday, April 13, 2009

फिजी में आज सारे अखबार खाली, सारे चैनल बंद

फीजी में आज सरकारी सेंसरशिप के खिलाफ सारे अखबारों में पेज खाली छोड़े गए हैं और चैनलों पर कोई प्रसारण नहीं किया गया। मीडिया ने मिलकर यह कदम फीजी की फौजी तानाशाही सरकार की गैरजरूरी सेंसरशिप लागू करने के विरोध में उठाया है। दरअसल फीजी में आपातकाल की घोषणा के साथ ही मीडिया पर शिंकजा कसना शुरू कर दिया गया था। सरकार ने न्‍यूजरूमों पर सख्‍त निगरानी बैठा दी थी और विदेशी पत्रकारों को निकालने की धमकी दी थी।
इस घटना से अपने देश के आपातकाल का सुना-सुनाया मंजर भी सामने आ गया। बेशक सीमित अर्थों के साथ और शासकों की परिभाषा के अनुसार ही होने के बावजूद जनवाद थोड़ा स्‍पेस बोलने-लिखने का बचाए रखता है। तानाशाही का सबसे पहला नजला इसी स्‍पेस को खत्‍म करने के लिए मीडिया पर उतरता है। फिर भी फीजी में मीडिया की एकजुटता अच्‍छा संदेश है।

2 comments:

अफ़लातून said...

फिजी की जनता और मीडिया एकजुट हो कर अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोटने के प्रयासों के खिलाफ़ खड़े हों , यही कामना है ।

ajay kumar jha said...

kaash ki itne chhote se desh kee media se hamaraa media bhee kuchh seekh paataa.