Monday, October 27, 2008

आओ देखो गलियों में बहता लहू!

तुम पूछोगे /
क्‍यों नहीं करती /
उसकी कविता /
उसके देश के /
फूलों और पेड़ों की बात /
आओ देखो /
गलियों में बहता लहू /
आओ देखो /
गलियों में बहता लहू /
आओ देखो /
गलियों में बहता लहू।

---पाब्लो नेरुदा

4 comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

पाब्लो का बात कहने का अंदाज बात को बहुत वजनदार बना देता है।

दीपावली पर हार्दिक शुभकामनाएँ...
दीवाली आप और आप के परिवार के लिए सर्वांग समृद्धि लाए।

seema gupta said...

दीप मल्लिका दीपावली - आपके परिवारजनों, मित्रों, स्नेहीजनों व शुभ चिंतकों के लिये सुख, समृद्धि, शांति व धन-वैभव दायक हो॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली एवं नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

manvinder bhimber said...

आपके परिवारजनों, मित्रों, स्नेहीजनों व शुभ चिंतकों के लिये सुख, समृद्धि, शांति व धन-वैभव दायक हो॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली एवं नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

Udan Tashtari said...

दीपावली के इस शुभ अवसर पर आप और आपके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.