Friday, October 24, 2008

वेब अभिव्यक्ति पर पहला हमला-हम सब आपके साथ हैं

एचटी मीडिया लिमिटेड के प्रबंधन की शिकायत पर लखनउ पुलिस दिल्‍ली के पत्रकार सुशील कुमार सिंह को परेशान कर रही है। दरअसल हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स् लखनउ के बारे में सुशील कुमार सिंह ने अपनी वेबसाईट गॉसिप अडडा पर एक टिप्‍पणी दी थी जो प्रबंधन की पोल खोलने वाली थीइंटरनेट पर बेवसाईटों और ब्‍लॉगों के जरिये की जाने वाली अभिव्‍यक्ति पर यह शुरूआती हमला है। जाहिरा तौर पर अखबारों और चैनलों की तुलना में यहां खुलकर बात कही जा सकती है। और इसी वजह से इसके उपर हमले की संभावनाएं भी ज्‍यादा हैं। फिलहाल एक वेब पत्रकार संघर्ष समिति का गठन दिल्‍ली में हो गयाहै। वेब अभिव्‍यक्ति की आजादीके संघर्ष में सभी जागरूक ब्‍लॉगर भी पत्रकार सुशीलकुमार सिंह के साथ हैं। इस उत्‍पीडन के खिलाफ नैतिक और भौतिकरूपसे एकजुट होकर नेट और सडकों दोनों हम सभी को आवाज उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए। जिस टिप्‍पणी पर एचटी मीडिया प्रबंधन बौखलाया हुआ है उसे नीचे दे रहा हुं।

--क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी अखबार के मालिक का देहांत हो जाए और अपने ही अखबार में उसका फोटो गलत छप जाए। लेकिन यह कमाल किया हाल में हिंदुस्तान टाइम्स ने। उसने अपने हिंदी सहयोगी दैनिक हिंदुस्तान के कारनामों को पछाड़ते हुए के. के. बिरला के निधन पर जो तस्वीरें प्रकाशित कीं उनमें से एक तस्वीर किसी और की थी। उसके अगले दिन भूल-सुधार करते हुए अखबार ने बताया कि पिछले दिन एक तस्वीर में कैप्शन गलत छप गया था। यानी फिर गलत सूचना दी गई, क्योंकि कैप्शन ही नहीं वह तस्वीर ही गलत थी क्योंकि वह किसी और की थी। अब इस दूसरी गलती के लिए भूल-सुधार की कोई गुंजाइश नहीं रह गई थी क्योंकि उसके बाद मालिक के निधन पर संस्थान में अवकाश था।इतना ही नहीं, निधन वाले दिन हिंदुस्तान टाइम्स, लखनऊ में मार्केटिंग के एक सीनियर अधिकारी की फेयरवेल पार्टी थी जिसे स्थगित नहीं किया गया। इस कार्यक्रम में अखबार के सभी सीनियर लोग मौजूद थे। वहां मिठाई भी खिलाई गई और स्नैक्स भी। विदाई के रस्मी भाषण भी दिए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कार्यक्रम संस्थान के चेयरमैन के. के. बिरला की शोक सभा के मुश्किल से आधे घंटे बाद शुरू हुआ। फहमी हुसैन और नवीन जोशी इत्यादि जो आधे घंटे पहले बिरला जी को श्रद्धांजलि दे रहे थे अब कंपनी से जा रहे मार्केटिंग अधिकारी की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे थे।

1 comment:

ambrish kumar said...

mukhya khabar ka link dene se sandarbh bhi logo ko pata chal jayega.